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मुझे इक बार अकेले में...गीत

तुझको पाना है कुछ बताना है न भूलाना है प्यार में सुन मैं क्या करूं, ठण्डी आहें भरू चाहती है क्या मरूं प्यार में मुझे इक बार अकेले में मोहब्बत से पुकारो न ये जीवन भी तुम्हारा है इसे आकर संवारो न तुम्हें जो प्यार करने की इजाजत मुझको मिल जाए तो क्या धरती क्या बादल ये सागर दिल मचल जाए अग़र थोड़ा गल़त भी हूं तो तुम आकर सुधारो न मुझे इक बार अकेले में मोहब्बत से पुकारो न यकीं मेरी मोहब्बत पे अग़र तुमको न हो तो तब बहारों और फिजाओ से हवा से पुछ लेना तब तेरी सांसों की खुशबू के नशे में हूं उतारो न मुझे इक बार अकेले में मोहब्बत से पुकारो न