लोरी गीत (जितेन्द्र शिवहरे)
लोरी गीत (जितेन्द्र शिवहरे) ================= आंखों में सपने लेकर के सोजा sss सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2... आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... दिनभर तू जागा है आंखों को खोले sss भागा है आंगन में तुतला के बोले-2 फूलों की सेज बुलाती है सोजा... सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2... आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... देरी से गुजरी है ये भर दोपहरी sss आंखों की पलकों पे नींद ठहरी sss -2 चांद सितारों की दुनियां में खोजा sss सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2... आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... परीयों की रानी से शादी रचा दूं sss गुड्डे की गुड़ियां सी दुल्हन बना दूं sss रानी के दिल के राजा तू होजा sss... सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2.... आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... खेल खिलोने से ये घर संजा है sss रेल की छुक-छुक में अपना मज़ा है sss -2 पापाजी लायेंगे नये जूता मौजा sss सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2 आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... हल्ला गुल्ला मंद करो रे sss सोता है लल्ला मुंह बंद करो रे sss नींद की बाधाओं को धोजा sss-2... सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2 आंखों में सपने लेकर के सोजा sss... स्वरचित- कवि जितेन्द्र श...