लोरी गीत (जितेन्द्र शिवहरे)
लोरी गीत (जितेन्द्र शिवहरे)
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आंखों में सपने लेकर के सोजा sss
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2...
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
दिनभर तू जागा है आंखों को खोले sss
भागा है आंगन में तुतला के बोले-2
फूलों की सेज बुलाती है सोजा...
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2...
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
देरी से गुजरी है ये भर दोपहरी sss
आंखों की पलकों पे नींद ठहरी sss -2
चांद सितारों की दुनियां में खोजा sss
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2...
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
परीयों की रानी से शादी रचा दूं sss
गुड्डे की गुड़ियां सी दुल्हन बना दूं sss
रानी के दिल के राजा तू होजा sss...
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2....
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
खेल खिलोने से ये घर संजा है sss
रेल की छुक-छुक में अपना मज़ा है sss -2
पापाजी लायेंगे नये जूता मौजा sss
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
हल्ला गुल्ला मंद करो रे sss
सोता है लल्ला मुंह बंद करो रे sss
नींद की बाधाओं को धोजा sss-2...
सोजा नन्हें मुन्ने सोजा-2
आंखों में सपने लेकर के सोजा sss...
स्वरचित-
कवि जितेन्द्र शिवहरे 'जुगनू' इंदौर
177, इंदिरा एकता नगर पूर्व रिंग रोड चौराहा मुसाखेड़ी इंदौर मध्यप्रदेश मोबाइल नम्बर-8770870151 इंदौर-45001
Myshivhare2018@gmail.com
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