हास्य मुक्तक
हास (1) महिला कवि को देख मुसीबत में आ गये आयोजक भी थोड़ी शराफत में आ गये छोटा सा पेयमेन्ट जिन्हें ना मंजूर था ऐसे कवि श्रृंगार की चाहत में आ गये (2) प्रेम सागर में कितने नहाते रहे हम किनारे पे डुबकी लगाते रहे लड़कियां लड़कों की होती गयीं हम गीत और कविता ही गाते रहे (3) एक लड़की से हमको महोब्बत थी वो तो कितने ही लड़कों की चाहत थी नये तरीकों से उसको रीझाया मगर लड़के बदलने की उसको तो आदत थी (4) आराम है हराम वो एक बात कह गया दिन था मगर डर के पति रात कह गया बीवी से थी लड़ाई और पुलिस भी आ गयी हाथों से खाई मार मगर लात कह गया (5) प्रेम पत्र लड़की को देकर को आ गये कुछ लड़के गांव के जब शहर को आ गये शाम की चाय पर बुलाया लड़की ने दूरदर्शी लड़के दोपहर को आ गये (6) जेब से इक्ज़ाम वो का पर्चा खो गया खरीदने में जिसको लाखों खर्चा हो गया तांका झांकी में परिक्षा दिन निकल गया शिक्षक का बेटा फेल हुआ चर्चा हो गया (7) पापा से कहा बेटे ने मुझे प्यार हो गया शादी का मेरा सेहरा तो तैयार हो गया बोले पापा पहले तो पढ़ाई पूरी होगी रातो-रात छोरा-छोरी संग फरार हो गया (8) मां ने पूछा दूल्हे का क्या भाई ठीक है अच्छ...