गीत-इक बार मुस्कुरा दो

 गीत


इक बार मुस्कुरा दो-3

तुम सावन के प्रिय बादल बनकर-2

बरखा प्रेम की गिरा दो


इक बार मुस्कुरा दो-3


तुम्हारे मुस्कुराने से मुर्झाये खिल उठते है-2

जग सताये खिल उठते है,

मौत आए खिल उठते है-2

हर कली-कली भी खिल उठेगी-2

तुम जरा सा इतरा दो


इक बार मुस्कुरा दो-3


जो तुम मुस्कुरा दो मंद बाजार मुस्कुरा दे

हर दरार मुस्कुरा दे

हर किरदार मुस्कुरा दे

जीत ली जिसने दुनिया भी

तुम हंस के उसे हरा दो


इक बार मुस्कुरा दो-3


जितेन्द्र शिवहरे 

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