आये तेरे करीब हम -गीत
आये तेरे करीब हम दुनियां को छोड़कर
पछताएं पत्थर दिल से दिल का रिश्ता जोड़कर
आये तेरे करीब हम दुनियां को छोड़कर...
तेरी एक चाहत पर सौ बार हम झूके
जहां तू ठहर गयी वहां हम रूके
गमों के पीछे भागते खुशियां छोड़कर
आये तेरे करीब हम दुनियां को छोड़कर...
क्या-क्या न सहा सनम हमने तेरे प्यार में
हर जीत को बदल दिया तुमने हार में
हंसत रहे रोते भी रहे ऊसूलों को तोड़कर
आये तेरे करीब हम दुनियां को छोड़कर...
जी लुंगा अकेले जा मैं इस दुनियां में
आशिक नहीं होगा कोई मुझसा दुनियां में
टुकड़ा कांच का तुने चूना हीरे को छोड़कर
आये तेरे करीब हम दुनियां को छोड़कर...
जितेन्द्र शिवहरे
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