हास्य मुक्तक

 (1)

दिल का एक मरीज़ दवाखाने जा पहूंचा

दिल की लगी को अपनी वो बुझाने जा पहूंचा

खींच के जुता लड़की ने दे मारा

बीमार था वह दूसरी पटाने जा पहूंचा


(2)

दिलो दिमाग में कोई गंदगी न हो

सफर में साथी साथ कोई संगी न हो

मरना एक बार ही यहां दुनिया में

जीना सौ बार भले तन पे लुंगी न हो


(3)

प्यार से भरा हृदय गोडाऊन है

तु ही इको बेस और डीजे साऊण्ड है

घर के बाहर निकलना बहुत कठीन है

चौक पे खड़ी पुलिस और लाॅकडाऊन है।


(4)

क्लीनिक के बार बड़ी लम्बी लाइन थी

इक मरीज के जेब में दो बाॅटल वाइन थी

शराब की खूशबू से मन बहकर रहा था

रिशेप्शन की लड़की मगर बहुत फाइन थी।


(5)

लड़की के सामने लड़का कुंवारा एक

तेज बाइक पर भागा हुआ जाता है

स्टाइल थोड़ी मारकर शेखी वो बघारकर

मूंछ पर तांव देके मुस्कुराता जाता है

थोड़ा आगे बढ़ते ही बाइक फिसल गयी

लड़का औंधे मुंह गिर जाता है

लड़की के साथ आसपास वाले हंस रहे

शर्मिन्दा लड़का मुंह को छिपाता है।


(6)



मंदी के दौर था और उधार मांगता

समुद्र जैसे अपनी सीमा को लांघता

दुकानदार ने कहा युं हाथ जोड़कर


(7)


*हास्य व्यंग्य*


सब्जी वाला बोला उधार कैसे दूं

रोज-रोज़ सब्जी दो बार कैसे दूं

मैंने बोला पिछला हिसाब करूंगा

आदत अपनी जल्दी सुधार कैसे दूं


जीत


(8)

बस ड्राइवर से बोली मां भोपू बजाईये

मेरा बच्चा है खूब रोता इसको हंसाईये

कंडक्टर से बोला वो इस मां को बताना

पूरी बस ही बज रही अब क्या बजाईये


(9)


अदनी सी कामयाबी पर वो यूं फेकता रहा

कछुआ आगे निकला खरगोश देखता रहा

जलन की भावना इस कदर हावी थी उस पर

रोटी जल गयी मगर वो तब भी सेंकता रहा


(10)

*रातभर जागने की बिमारी बताई थी उसने*


*हकीम ने पूछा कहीं इश्क तो नहीं कर बैठे*


(11)


आप क्या कहते हैं!


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*जब से BS6 मोटर साईकिल चलन में आई है तब से बाइक यात्रा के दौरान सामने से आते वे लोग जो हाथों की उंगलीयों को बंद-चालु करते हुये संकेत करते थे (कि आपकी बाइक की लाइट चालु है, उसे बंद कर लो) वालों की प्रजाती विलुप्त हो चूकी है।*


(12)


 *सही है की नई*


हमारे यहां कुछ ऐसे विद्वान लोग पाये जाते है जो कुछ दिनों का रखा हुआ पुराना नमकीन खाकर विचित्र-सा मुंह बनायेंगे और कहेंगे की *यार इसमें तेल चढ़ गया है!


अरे! तेल चढ़ा है तब ही तो नमकीन तला गया!


यूं कहों की नमकीन खराब हो गया है।


पर नहीं!


'तेल चढ़ गया है!


अरे! तेल चढ़ गया है तो उतार दो! और उतार नहीं सकते, तो आप भी चढ़ जाओ! एक से भले दो....!


हां नई तो...! 


(13)


बस ड्राइवर से बोली मां भोपू बजाईये

मेरा बच्चा है खूब रोता इसको हंसाईये

कंडक्टर से बोला वो इस मां को बताना

पूरी बस ही बज रही अब क्या बजाईये


(14)


पति बोला कसम से ये कहता हूं मैं

बादल आवारा बनकर हा बहता हूं

मिलना पड़ता है मुझ सभी से मगर

तेरे दिल के अलावा कहीं न रहता हूं मैं


(15)

अदनी सी कामयाबी पर यूं फेंकता रहा

कछुआ आगे निकला खरगोश देखता रहा

जलन में इस कदर जल चूका था वह

रोटी जल गयी मगर तब भी सेंकता रहा


(16)


*शहर में अपना मकान रखता हूं*

*तरकस में तीर-कमान रखता हूं*

*दुनिया वालें कमजोर कहते है मगर*

*मैं भी मुंह में जुबान रखता हूं।*


(17)


*भैंस का  दूध  वह  अमूल बिक गया*

*और गाय का दूध बहूमूल बिक गया*

*ज्यादा फीस लेके था आतंक मचाया*

*कोरोना में ऐसो का स्कूल बिक गया*


(18)


पत्नी के भाई ने कहा जीजा सुनाईये

कैसे गुजर रही है जिन्दगी बताईये

मैंने कहा गऊ बोल के सिंहनी को थमाया

कितनो को चूना लगया ये तो बताईये।


(19)


मुवक्कील बोला वकिल केस लड़िए

तलाक लुंगा बीवी से अब आप भिड़िए

वकिल बोले फीस मेरी देते ही रहना

निश्चिन्त होके आप तो फिर घोड़ी चढ़िए


(20)

सासू बोली फोन पर दामाद बता दो

बेटी पे सारी बंदिशें तुम आज हटा दो

झूमती गाती बड़ी सुन्दर है बेटी

मेकअप और साड़ी का बिल चूका दो


(21)

सासू आपकी जो बात मान लूं

मौन रहू मुंह में जो खा पान लूं

खर्चे चलो मिलकर हम करे पुरे

झोली टांग आपसे पहले दान लूं


(22)

बिल नहीं चुकाया ग्राहक ने सामान का

उल्टा नाम बदनाम कर रहा दुकान का

मालिक ने कॅमरा टीवी पे दिखाया

सीधा प्रसारण हो रहा था भाईजान का


(23)

किराना की दुकान पर चौरी हो गयी

मालिक और पुलिस में सीना जोरी हो गयी

हाॅस्पीटल से मालिक को फोन ये आया

हॅलो! पांचवी बार तुम्हें छोरी हो गयी


(24)

 डाॅक्टर से बोला मैं कैसे है बताईये

हाथ पकड़े बोले पहले नब्ज दिखाईये

हमने कहा हम तो ठीक-ठाक है

सूई लगाता हूँ उल्टा लेट जाईये।


(25)

सास बहू के बीच से पति हट गया*

*दोनों का घर में जैसे कद घट गया*

*चाय की मांग ने जब सिर दुखाया*

*बहू बोली फ्रिज में रखा दूध फट गया*

(26)

कुछ मित्रों के दुनियां में नाम हो गये

और कुछ के तो बड़े-बड़े काम हो गये

मुंछों पे तांव खुद को मर्द कहते थे

ऐसे दोस्त वो जोरू के गुलाम हो गये

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